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में चमत्कार रहें मिल जुलकर देवें सबको ही सम्मान सच्चे प्रियजन एक कुटुंब है सारी वसुधा पर भाव स्वार्थ का जहरीला hindikavita प्रेम-परमार्थ का भाव घर सुख हो या फिर दुख हो सदा जिज्ञासु निर्बलों के हम बनें सहायक अमर प्रफुल्लित रहें 52weekswritingchallenge हम

Hindi रहें सदा मिल जुलकर Poems